1. त्यौहार मेरा प्रिय त्यौहार होली पर निबंध 2020 – रंगों का त्योहार होली एस्से इन हिंदी मेरा पसंदीदा त्योहार दिवाली पर निबंध 400 शब्दों में; मेरा प्रिय त्योहार दिवाली पर निबंध हिंदी में 500 शब्दों में – Paragraph on Diwali in Hindi मेरा प्रिय खेल पर निबंध जैसे कि हॉकी क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल, कबड्डी, खो खो आदि, इस तरह के खेल को घर के बाहर … Your email address will not be published. महावीर जी का मेला जैन धर्मावलम्बियों से सम्बद्ध है। यह मेला हिण्डौन में लगता है। इसके अतिरिक्त कोटा का दशहरा, कैला देवी का मेला, पुष्कर जी का मेला, गोगामेढ़ी का मेला, रानी सती का मेला, गणेश चतुर्थी का मेला तथा ख्वाजा का उर्स यहाँ के प्रसिद्ध मेले हैं।, उपसंहार– Notify me of follow-up comments by email. परीक्षाओं में कई बार Essay on My Favorite Poet in Hindi के बारे में हिंदी निबंध लिखने को कहा जाता हैं. होली का त्यौहार हमारे लिए बहुत ही मायने रखता है इस दिन सभी स्कूल, कॉलेजों की छुट्टी होती है तथा सभी लोग होली खेलने में व्यस्त रहते है | होला का दिन शुरू होने से पहले कई कई स्कूल व कॉलेज में छोटे बच्चो को उनके विधालय में निबंध दिया जाता है जो की उनके एग्जाम में भी आता है | इसीलिए अगर आप होली के दिन के ऊपर निबंध कक्षा 1st, 2nd, 3rd, 4th, 6th, 7th, 8th, 9th, 10th, 11th, 12th के लिए एस्से के बारे में जानकारी पाना चाहते है तो इसके लिए आप जानकारी यहाँ से पा सकते है तथा परीक्षा में पास हो सकते है |, सभी के लिये प्रिय होली खुशियाँ और सुख लाने वाला त्योहार होता है। ये हर साल हिन्दु धर्म के द्वारा मनाया जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व होता है। ये आमतौर पर मार्च के महीने में वसंत ऋतु की शुरुआत में आता है। सभी इसका बेसब्री से इंतजार करते है और इसको अलग तरीके से मनाने की तैयारी करते हैं।, होली को मनाने के पीछे भक्त प्रह्लाद की मुख्य भूमिका है। भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद को उसी के पिता ने उसकी पूजा न करने पर मारने का प्रयास किया, इसके लिये उसने अपनी बहन होलिका को प्रह्लाद को अपनी गोद में लेकर आग में बैठने को कहा क्योंकि होलिका को ये वरदान था कि वो आग में जल नहीं सकती चूंकि प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था इसलिये इस आग में उसे कोई नुकसान नहीं हुआ जबकि आशिर्वाद पायी होलिका जलकर भस्म हो गई। उसी दिन से हर साल ये त्योहार बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में मनाया जाता है।, रंगों की होली के एक दिन पहले, लोग लकड़ी, घास और गोबर के ढ़ेर को रात में जलाकर होलिका दहन की पौराणिक कथा को याद करते है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन परिवार के सभी सदस्यों द्वारा सरसों उपटन का मसाज शरीर पर करवाने से शरीर और घर की गंदगी साफ हो जाती है और घर में खुशियाँ और सकारात्मक शक्तियों का प्रवेश होता है।, होलिका दहन के अगले दिन सभी लोग अपने मित्र, परिवार और सगे-संबंधियों के साथ रंगों से खेलते है। इस दिन बच्चे गुब्बारों और पिचकारियों में रंग भरकर दूसरों पर फेंकते है। सभी एक-दूसरे के घर जाकर गले लगाते है साथ ही अबीर लगाकर अपनत्व और प्यार का इजहार करते है। इस खास अवसर पर सभी अपने घर में मिठाई, दही-बढ़े, नमकीन, पापड़ आदि बनवाते है।, हिन्दूओं के द्वारा दिवाली की तरह ही होली भी व्यापक तौर पर मनाया जाने वाला त्योहार है। ये फागुन महीने में आता है जो वसंत ऋतु के फागुन महीने में आता है जिसे वसंत ऋतु की भी शुरुआत माना जाता है। हर साल होली को मनाने की वजह इसका इतिहास और महत्व भी है। बहुत साल पहले, हिरण्यकश्यप नाम के एक दुष्ट भाई की एक द्ष्ट बहन थी होलिका जो अपने भाई के पुत्र प्रह्लाद को अपने गोद में बिठा कर जलाना चाहती थी।, प्रह्लाद भगवान विष्णु के भक्त थे जिन्होंने होलिका के आग से प्रह्लाद को बचाया और उसी आग में होलिका को राख कर दिया। l तभी से हिन्दु धर्म के लोग शैतानी शक्ति के खिलाफ अच्छाई के विजय के रुप में हर साल होली का त्योहार मनाते है। रंगों के इस उत्सव में सभी एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाकर दिनभर होली का जश्न मनाते है।, होली का उत्सव हर साल पूर्णं चन्द्रमा के दिन मार्च (फागुन) के महीने में मनाया जाता है। इसे एकता, प्यार, खुशी, सुख, और जीत का त्योहार के रुप मे भी जाना जाता है। हमलोग एक-दूसरे के साथ प्यार और खुशी जाहिर करने के लिये इस पर्व को चमकीले और आकर्षक रंगों से खेलते है। इसका अपना महत्व है साथ ही इसको मनाने के पाछे कई सारे कारण, कथाएं और आस्था भी है।, बहुत समय पहले, एक राजा हिरण्यकश्यप, उसकी बहन होलिका और उसका पुत्र प्रह्लाद थे। प्रह्लाद एक पावन आत्मा था जो भगवान विष्णु का भक्त था जबकि उसके पिता चाहते थे कि प्रह्लाद समेत सभी उसकी पूजा करें। लेकिन भक्त प्रह्लाद को ये गवाँरा नहीं था और वह सदा भगवान विष्णु की ही पूजा करता था। इससे नाराज होकर उसके पिता ने उसको आग से जलाकर मारने की योजना बनाई। उसने अपनी बहन होलिका से कहा कि वो प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे क्योंकि होलिका को भगवान से ये वरदान मिला था कि आग उसे जला नहीं सकता, अपने भाई की बात मान होलिका आग में बैठी परंतु प्रह्लाद को इस आग से कोई नुकसान नहीं हुआ बल्कि होलिका ही इस आग में जलकर खाक हो गई। इसी कथा से होली उत्सव का जन्म हुआ।, इस पर्व के मौके पर सभी अपने प्रियजनों से मिलते है, रंग और अबीर से होली खेलते है, साथ ही कई सारी क्रियाओं में भाग लेते है जो एक-दूसरे के लिये खुशी को प्रदर्शित करता है। इस तरह लोग रंगों के इस त्योहार में अपनों के संग खुशियाँ मनाते है।. होली का त्योहार सारे भारत में मनाया जाता है। फाल्गुन के महीने की पूर्णिमा को होलिका दहन होता है और दूसरे दिन रंग की होली खेली जाती है। यह त्योहार सबको प्रिय मानकर गले लगाने का त्योहार है।, गणगौर– मेरा प्रिय खेल पर निबंध Badminton : ... मेरी प्रिय पुस्तक पर निबंध हिंदी & Favourite Book Essay in Hindi. मेरा प्रिय पर्व: दीपावली पर निबंध | Essay on My Favorite Festival : Diwali in Hindi! Viral Facts हिंदी में. दीपावली त्योहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है। अमावस्या की ... मेरा प्रिय त्योहार दीपावली, पढ़ें हिंदी में निबंध. Question and Answer forum for K12 Students, साथ ही, कक्षा 1 से 10 तक के छात्र उदाहरणों के साथ इस पृष्ठ से विभिन्न हिंदी निबंध विषय पा सकते हैं।, प्रस्तावना–